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रीढ़ की हड्डी के कैंसर के लक्षण

    रीढ़ की हड्डी के कैंसर के लक्षण: शुरुआती संकेत, कारण, जांच और इलाज

    रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) हमारे शरीर का मुख्य सहारा है। लेकिन जब इसी रीढ़ में कैंसर विकसित होने लगता है, तो शुरुआत में इसके लक्षण अक्सर सामान्य कमर दर्द जैसे लगते हैं, और यहीं सबसे बड़ा खतरा छिपा होता है।

    अगर आपको लंबे समय से पीठ या कमर में दर्द है, पैरों में कमजोरी आ रही है, या सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो यह सिर्फ सामान्य दर्द नहीं भी हो सकता। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे:

    • रीढ़ की हड्डी के कैंसर के लक्षण
    • शुरुआती संकेत जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए
    • कारण और जोखिम कारक
    • जांच और इलाज के विकल्प
    • कब डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए

    यह गाइड आपके सभी सवालों का स्पष्ट, वैज्ञानिक और आसान भाषा में जवाब देगी।

    रीढ़ की हड्डी का कैंसर क्या होता है?

    रीढ़ की हड्डी का कैंसर (Spinal Cancer) वह स्थिति है जब स्पाइन की हड्डियों, नसों या आसपास के ऊतकों में असामान्य कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं।

    स्पाइनल कैंसर के प्रकार

    प्रकारविवरण
    प्राथमिक (Primary)कैंसर सीधे रीढ़ में शुरू होता है
    द्वितीयक (Metastatic)शरीर के किसी अन्य हिस्से से रीढ़ में फैलता है
    इंट्रामेडुलरीस्पाइनल कॉर्ड के अंदर विकसित होता है
    एक्स्ट्राड्यूरलहड्डियों में या बाहर के हिस्से में

    नोट: अधिकांश स्पाइनल कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों (जैसे फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट) से फैलकर आते हैं।

    रीढ़ की हड्डी के कैंसर के लक्षण

    1. लगातार और बढ़ता हुआ पीठ या कमर दर्द

    • रात में दर्द बढ़ना
    • आराम करने पर भी दर्द बना रहना
    • दर्द धीरे-धीरे तेज होना

    यह सबसे आम और शुरुआती लक्षण है। कमर दर्द का कारण – पूरी जानकारी

    2. पैरों या हाथों में कमजोरी

    • चलने में असंतुलन
    • सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई
    • चीजें पकड़ने में कमजोरी

    जब ट्यूमर नसों पर दबाव डालता है, तो यह लक्षण दिखाई देते हैं।

    3. सुन्नपन या झनझनाहट

    • पैरों में झनझनाहट
    • शरीर के किसी हिस्से में संवेदना कम होना

    4. मूत्र या मल नियंत्रण में समस्या

    • यह एक गंभीर संकेत है। यदि अचानक पेशाब या मल पर नियंत्रण कम हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

    5. वजन कम होना और थकान

    • बिना कारण वजन घटना
    • लगातार कमजोरी

    6. रीढ़ की हड्डी में सूजन या गांठ

    • कुछ मामलों में पीठ पर सूजन दिखाई दे सकती है।

    शुरुआती और देर से दिखने वाले लक्षणों का अंतर

    शुरुआती लक्षणउन्नत अवस्था के लक्षण
    हल्का लेकिन लगातार दर्दगंभीर नस दबाव
    रात में दर्दलकवा (Paralysis)
    हल्की कमजोरीमूत्र/मल असंयम

    रीढ़ की हड्डी के कैंसर की जांच कैसे होती है?

    1. MRI (सबसे महत्वपूर्ण जांच) स्पाइनल ट्यूमर की सही स्थिति और आकार पता चलता है।

    2. CT Scan हड्डियों की संरचना देखने के लिए।

    3. बायोप्सी कैंसर की पुष्टि के लिए ऊतक की जांच।

    4. PET Scan: कैंसर के फैलाव का पता लगाने के लिए।

    इलाज के विकल्प

    1. सर्जरी: ट्यूमर हटाने के लिए। पढ़ें: क्या स्पाइन सर्जरी सुरक्षित है?

    2. रेडिएशन थेरेपी: कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए।

    3. कीमोथेरेपी: दवाओं से इलाज।

    4. टार्गेटेड थेरेपी: विशेष दवाओं द्वारा कोशिकाओं को निशाना बनाना।

    क्या रीढ़ का कैंसर ठीक हो सकता है?

    • शुरुआती अवस्था में इलाज सफल हो सकता है
    • देर से पहचान होने पर जटिलताएं बढ़ती हैं
    • नियमित जांच और समय पर इलाज महत्वपूर्ण है

    कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

    • लगातार बढ़ता दर्द
    • अचानक कमजोरी
    • पेशाब/मल नियंत्रण की समस्या
    • रात में अत्यधिक दर्द

    यदि लक्षण गंभीर हैं, तो सही विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी है। जानें: कमर दर्द में किस डॉक्टर से मिलना चाहिए?

    शुरुआती और देर से दिखने वाले लक्षणों का अंतर

    सामान्य कमर दर्दकैंसर से जुड़ा दर्द
    आराम से कम हो जाता हैआराम से भी नहीं जाता
    चोट या गलत बैठने सेबिना कारण
    1-2 हफ्ते में ठीकलगातार बढ़ता

    महत्वपूर्ण आंकड़े

    • अधिकांश स्पाइनल ट्यूमर मेटास्टेटिक होते हैं
    • MRI सबसे प्रभावी जांच है
    • समय पर इलाज से नस क्षति रोकी जा सकती है

    निष्कर्ष

    रीढ़ की हड्डी के कैंसर के लक्षण शुरुआत में सामान्य कमर दर्द जैसे लग सकते हैं — लेकिन अगर दर्द लगातार बढ़ रहा है, रात में परेशान कर रहा है, या कमजोरी/सुन्नपन के साथ है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

    समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है

    आपका अगला कदम क्या होना चाहिए?

    अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी महसूस हो रहा है, तो तुरंत स्पाइन विशेषज्ञ से परामर्श लें।

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